Monthly Archives : August 2016

स्वतंत्रता या अनुशासन ……….क्या है जरूरी ?

मैं एक अध्यापिका हूँ | अध्यापन ही मेरी जीवन शैली है |विशेषकर इस जीवन शैली में जीन-जक्क़ुएस रूसो की स्वतंत्रता की  विचारधारा से मैं काफी प्रभावित हूँ |शिक्षा में दण्ड से आये हुए अनुशासन को मैं “न” के बराबर मानती  हूँ| बच्चों का मन बहुत कोमल होता है |उन्हें दण्ड की नहीं प्यार एवं अपनेपन… Continue Reading →

The Culture of Caring

Every  true relationship rests on trust and care. The definitions / titles of relationships do not matter, even if it was within a family if the partners/members don’t “care” for that relationship. When we care we enhance the experience and value of a relationship. “Care” is important for organizations too. It doesn’t really matter who… Continue Reading →